भारत के मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में सैकड़ों मुस्लिम ऐतिहासिक शाही मस्जिद के एक हिस्से को तोड़े जाने की योजना के विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की योजना है। यह योजना वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के मद्देनज़र बनाई गई है।
मुस्लिम समुदाय के लोग पिछले करीब दो सप्ताह से बारी-बारी से दिन-रात मस्जिद के अंदर मौजूद हैं। इस दौरान मस्जिद में पांचों वक्त की नमाज़ भी अदा की जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हाल में मस्जिद के आसपास पुलिस बल और रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स की तैनाती बढ़ाई गई तथा तोड़फोड़ के उपकरण भी मौके पर पहुंचाए गए। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के अंदर और आसपास जमा हो गए। विरोध के बाद कार्रवाई रोक दी गई।
मस्जिद कमेटी के एक सदस्य के अनुसार, नमाज़ के बाद कम से कम एक हजार लोग मस्जिद में मौजूद थे और लोग बारी-बारी से वहां अपनी मौजूदगी बनाए रख रहे हैं।
इंदौर के मुफ्ती जुनैद ने प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि अगर इस मस्जिद को हटाया गया तो 28 अन्य मस्जिदें भी खतरे में पड़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर धार्मिक स्थलों को इस तरह नहीं हटाया जाना चाहिए कि धीरे-धीरे मस्जिदें खत्म होती जाएं।
रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सितंबर की शुरुआत में उज्जैन नगर निगम के फैसले के खिलाफ दायर दो याचिकाएं खारिज कर दी थीं। अदालत के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई यातायात की जरूरतों और 2028 के सिंहस्थ कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
शाही मस्जिद महाकालेश्वर मंदिर और क्षिप्रा नदी के पास स्थित है और प्रस्तावित योजना में सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा करने की बात कही गई है।
27 सितंबर 2026 - 20:12
समाचार कोड: 1870847
मुस्लिम समुदाय के लोग पिछले करीब दो सप्ताह से बारी-बारी से दिन-रात मस्जिद के अंदर मौजूद हैं। इस दौरान मस्जिद में पांचों वक्त की नमाज़ भी अदा की जा रही है।
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